खाद्य स्वच्छता प्रबंधक साक्षात्कार क्रैक करने के गुप्त तरीके

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नमस्ते दोस्तों! क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो अपने आस-पास की हर चीज़, खासकर खाने-पीने की चीज़ों को लेकर बहुत सतर्क रहते हैं? आजकल, जहाँ एक तरफ़ नए-नए फूड ट्रेंड्स आ रहे हैं और खाने के विकल्प बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ़ खाद्य सुरक्षा (Food Safety) का महत्व भी तेज़ी से बढ़ रहा है। ऐसे में ‘खाद्य स्वच्छता अधिकारी’ (Food Hygiene Officer) का पद कितना महत्वपूर्ण हो जाता है, ये तो आप समझ ही सकते हैं। मुझे याद है जब मैंने पहली बार इस फील्ड के बारे में पढ़ा था, तो लगा था कि ये सिर्फ़ नियमों की बात है, लेकिन जब कुछ विशेषज्ञों से बातचीत की और उनके अनुभव सुने, तो जाना कि यह सिर्फ़ एक नौकरी नहीं, बल्कि एक बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी है जो सीधे हमारे स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी है। अगर आप भी इस सम्मानजनक और चुनौतीपूर्ण करियर में कदम रखना चाहते हैं, तो सबसे पहला और महत्वपूर्ण पड़ाव होता है इसका इंटरव्यू। यह कोई आम बातचीत नहीं होती, बल्कि आपकी समझ, अनुभव और किसी भी समस्या को सुलझाने की क्षमता का गहरा इम्तिहान होता है। तो चलिए, आज हम इसी खास इंटरव्यू की तैयारियों और उससे जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात को विस्तार से जानेंगे ताकि आप अपनी तैयारी को और बेहतर बना सकें!

नमस्ते दोस्तों! खाद्य स्वच्छता अधिकारी का इंटरव्यू, जैसा कि मैंने पहले भी बताया, सिर्फ़ एक बातचीत नहीं बल्कि आपकी पूरी समझ, अनुभव और हर मुश्किल को हल करने की क्षमता का इम्तिहान होता है.

यह वो क्षण होता है जहाँ आप न केवल अपने ज्ञान को, बल्कि अपने जुनून और इस क्षेत्र के प्रति अपनी ईमानदारी को भी दिखाते हैं. मुझे याद है जब मैं पहली बार इस तरह के इंटरव्यू के लिए गया था, तो मेरे दिल की धड़कनें बहुत तेज़ थीं.

लेकिन कुछ चीज़ें ऐसी होती हैं जिनकी तैयारी अगर सही दिशा में की जाए, तो सफलता ज़रूर मिलती है. चलिए, आज उन्हीं बातों पर थोड़ी गहराई से बात करते हैं.

खाद्य सुरक्षा की बारीकियों को समझना

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खाद्य सुरक्षा अधिनियम और नियम: आपकी नींव

देखो, खाद्य सुरक्षा अधिकारी बनने का सपना देख रहे हो तो सबसे पहले भारत में खाद्य सुरक्षा से जुड़े कानूनों और नियमों को रट लेना चाहिए. सिर्फ़ रटना नहीं, उन्हें समझना भी ज़रूरी है.

भारत में “राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013” एक बहुत ही महत्वपूर्ण कानून है, जिसे 10 सितंबर, 2013 को अधिसूचित किया गया था. ये कानून सुनिश्चित करता है कि देश की जनता को पर्याप्त मात्रा में और सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न मिल सके.

इसके अलावा, “खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006” भी बेहद ज़रूरी है, जिसे 23 अगस्त, 2006 को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली थी. ये अधिनियम खाद्य पदार्थों के उत्पादन, प्रसंस्करण, भंडारण, वितरण और बिक्री के लिए मानक तय करता है, ताकि उपभोक्ता तक सुरक्षित भोजन पहुंचे.

मुझे याद है एक बार इंटरव्यू में मुझसे सीधे पूछ लिया गया था कि, “अगर आप किसी मिलावटी खाद्य पदार्थ का नमूना लेते हैं, तो उसके बाद की पूरी प्रक्रिया क्या होगी?” अगर आपको इन कानूनों की गहरी समझ नहीं होगी, तो आप शायद सही जवाब नहीं दे पाएंगे.

ये केवल कानून नहीं हैं, ये आपकी रोज़मर्रा की ड्यूटी का आधार हैं.

खाद्य स्वच्छता और सुरक्षा के मूलभूत सिद्धांत

सिर्फ़ कानूनों को जान लेने से काम नहीं चलेगा, आपको ‘खाद्य स्वच्छता’ और ‘खाद्य सुरक्षा’ के बीच का अंतर भी पता होना चाहिए. खाद्य स्वच्छता का मतलब है खाद्य पदार्थों को इस तरह से तैयार करना, संसाधित करना और स्टोर करना कि उपभोक्ताओं को खाद्य जनित बीमारियों का खतरा कम हो जाए.

वहीं, खाद्य सुरक्षा एक व्यापक जोखिम प्रबंधन प्रणाली है, जिसमें स्वच्छता के साथ-साथ और भी कई पहलू शामिल होते हैं. इसमें जैविक (जैसे बैक्टीरिया, वायरस), रासायनिक (जैसे कीटनाशक) और भौतिक (जैसे कांच या धातु के टुकड़े) खतरों को नियंत्रित करना भी शामिल है.

मेरे एक दोस्त ने बताया था कि उससे पूछा गया था कि ‘डेंजर ज़ोन’ क्या है और इसका तापमान नियंत्रण से क्या संबंध है. ‘डेंजर ज़ोन’ 4.4°C (40°F) से 60°C (140°F) के बीच का तापमान होता है, जहाँ बैक्टीरिया बहुत तेज़ी से बढ़ते हैं.

ऐसे सवाल आपकी समझ को परखते हैं. आपको HACCP (हैज़र्ड एनालिसिस एंड क्रिटिकल कंट्रोल पॉइंट्स) जैसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त खाद्य सुरक्षा प्रणालियों के बारे में भी पता होना चाहिए.

यह एक ऐसी वैज्ञानिक प्रणाली है जो खाद्य पदार्थों में खतरों की पहचान, मूल्यांकन और नियंत्रण पर केंद्रित है.

आपके अनुभव और समस्या-समाधान की क्षमता

व्यवहारिक समस्याओं का सामना करने की तैयारी

यह पद केवल कागज़ी कार्रवाई का नहीं, बल्कि ज़मीनी हकीकत से जुड़ा है. आपको ऐसे सवाल के लिए तैयार रहना चाहिए कि “आप उस स्थिति को कैसे संभालेंगे जब कोई कर्मचारी उचित खाद्य सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन नहीं कर रहा हो?” यहाँ आपका नेतृत्व कौशल और समस्या-समाधान का दृष्टिकोण सामने आएगा.

मैं तो हमेशा से मानता हूँ कि अगर आप अपने जवाब में ये दिखाते हैं कि आप किसी समस्या को पहचानते हैं और उसे हल करने के लिए सक्रिय कदम उठा सकते हैं, तो इंटरव्यू लेने वाले पर बहुत अच्छा प्रभाव पड़ता है.

एक बार मैंने किसी अधिकारी से सुना था कि उन्हें एक ऐसे रेस्टोरेंट का निरीक्षण करना पड़ा था जहाँ स्वच्छता की स्थिति बेहद खराब थी. उन्होंने बताया कि उन्होंने कैसे कर्मचारियों को शिक्षित किया, तुरंत सुधार के लिए निर्देश दिए और फिर नियमित रूप से फॉलो-अप किया.

ऐसे अनुभव-आधारित उदाहरण आपको इंटरव्यू में बहुत आगे ले जाते हैं.

खाद्य सुरक्षा उल्लंघन और कार्रवाई

अगर आपको पता चलता है कि कोई सप्लायर खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन कर रहा है, तो आप क्या करेंगे? यह सवाल आपके प्रबंधन कौशल और आपूर्तिकर्ताओं के साथ संबंध बनाए रखते हुए स्थिति को कैसे संभालते हैं, यह जानने के लिए होता है.

मुझे लगता है कि यहाँ सिर्फ़ नियमों की बात नहीं, बल्कि नैतिकता की भी बात आती है. आप एक तरफ़ जनता के स्वास्थ्य की रक्षा कर रहे हैं, दूसरी तरफ़ आपको व्यावसायिक संबंधों को भी समझना है.

ऐसे में संतुलन बनाना ज़रूरी होता है. आपको यह भी पता होना चाहिए कि उल्लंघन होने पर क्या दंड हो सकते हैं और किस प्रकार की कार्रवाई की जा सकती है.

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आपकी भूमिका और ज़िम्मेदारियाँ

एक खाद्य स्वच्छता अधिकारी के कर्तव्य

खाद्य स्वच्छता अधिकारी का मुख्य काम यह सुनिश्चित करना है कि बाज़ार में बिकने वाले या उपभोग किए जाने वाले खाद्य पदार्थ सुरक्षित, स्वच्छ और मानकों के अनुरूप हों.

इसमें खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करना, खाद्य पदार्थों के नमूने लेना और उनकी गुणवत्ता की जांच करना शामिल है. मुझे याद है एक बार मेरे एक रिश्तेदार ने मुझसे पूछा था, “क्या आपको लगता है कि इस नौकरी में वसूली की समस्या होती है?” यह एक संवेदनशील सवाल था, लेकिन मैंने उन्हें समझाया कि एक ईमानदार अधिकारी का काम जनता के स्वास्थ्य की रक्षा करना है, न कि किसी को परेशान करना.

इसमें मिलावट करने वालों पर कार्रवाई करना और हानिकारक खाद्य सामग्री को नष्ट कराना भी शामिल है.

जन स्वास्थ्य के रक्षक: आपकी पहचान

यह पद सिर्फ़ सरकारी नौकरी नहीं है, बल्कि जन स्वास्थ्य की रक्षा की एक बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी है. आपको जनता को खाद्य सुरक्षा के बारे में जागरूक करना भी पड़ सकता है.

जब आप इंटरव्यू में अपनी प्रेरणा के बारे में बात करते हैं, तो सिर्फ़ “सरकारी नौकरी है” या “अच्छी सैलरी है” जैसे जवाब देने से बचें. मेरा मानना है कि आपको अपने जवाब में यह दिखाना चाहिए कि आप देश और अपने राज्य के लिए कुछ योगदान देना चाहते हैं, जन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करना चाहते हैं.

यह एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ आपकी निष्ठा और समर्पण सीधे लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित करता है.

खाद्य सुरक्षा अधिकारी के प्रमुख कर्तव्य विवरण
निरीक्षण और नमूना संग्रहण खाद्य प्रतिष्ठानों (रेस्तरां, कारखाने, दुकानें) का नियमित निरीक्षण करना और गुणवत्ता जांच के लिए खाद्य नमूनों को इकट्ठा करना.
गुणवत्ता मूल्यांकन इकट्ठा किए गए नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजना और उनकी गुणवत्ता तथा सुरक्षा मानकों का मूल्यांकन करना.
उल्लंघन पर कार्रवाई मिलावटी या असुरक्षित पाए गए खाद्य पदार्थों को जब्त करना, हानिकारक सामग्री को नष्ट कराना और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना.
जागरूकता फैलाना खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के महत्व के बारे में जनता और खाद्य व्यवसायियों को शिक्षित करना.
कानूनों का प्रवर्तन खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 और अन्य संबंधित नियमों का प्रभावी ढंग से प्रवर्तन सुनिश्चित करना.

करियर के अवसर और आगे की राह

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विकास के रास्ते और पदोन्नति

आप में से कई लोग सोच रहे होंगे कि इस पद पर आने के बाद आगे बढ़ने के क्या अवसर हैं. मैं आपको बताऊँ, खाद्य सुरक्षा अधिकारी का पद एक ग्रुप ‘बी’ (राजपत्रित) स्तर का पद होता है.

समय और अनुभव के साथ, आप मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी जैसे उच्च पदों पर पदोन्नत हो सकते हैं. इसके अलावा, विभिन्न प्रशिक्षण और कार्यशालाओं में भाग लेकर आप अपने ज्ञान और विशेषज्ञता को बढ़ा सकते हैं.

यह एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ सीखने की प्रक्रिया कभी नहीं रुकती, क्योंकि नए खाद्य पदार्थ, नई प्रौद्योगिकियां और नए खतरे हमेशा सामने आते रहते हैं.

निरंतर सीखने की आदत

यह करियर आपको हमेशा अपडेटेड रहने के लिए प्रेरित करता है. नए खाद्य सुरक्षा नियमों, प्रौद्योगिकियों और खाद्य जनित बीमारियों के उभरते रुझानों पर आपकी पकड़ होनी चाहिए.

मुझे याद है जब मैंने एक बार एक सेमिनार में भाग लिया था, तो वहाँ खाद्य पैकेजिंग में नई तकनीकों और उनके सुरक्षा निहितार्थों पर चर्चा हुई थी. ऐसे अनुभव आपको अपनी नौकरी में और अधिक प्रभावी बनाते हैं और इंटरव्यू में भी आप confidently बोल पाते हैं कि आप कैसे खुद को अप-टू-डेट रखते हैं.

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अपनी पर्सनैलिटी को चमकाएं: इंटरव्यू टिप्स

आत्मविश्वास और संचार कौशल

इंटरव्यू में सबसे ज़रूरी चीज़ क्या है? मेरा अनुभव कहता है, आपका आत्मविश्वास और संचार कौशल. आपको अपने विचारों को स्पष्ट और प्रभावी ढंग से व्यक्त करना आना चाहिए.

सिर्फ़ तकनीकी ज्ञान ही काफ़ी नहीं है, आप कैसे खुद को प्रस्तुत करते हैं, यह भी मायने रखता है. एक बार मेरे एक मित्र ने बताया था कि उन्होंने अपने इंटरव्यू में कई तकनीकी सवालों के जवाब दिए, लेकिन वे घबरा गए थे.

बाद में उन्हें लगा कि अगर उन्होंने आत्मविश्वास बनाए रखा होता, तो परिणाम कुछ और हो सकता था.

नकारात्मकता से बचें, सकारात्मकता दिखाएं

कई बार इंटरव्यू में ऐसे सवाल आते हैं जो आपको भ्रमित कर सकते हैं या आपकी प्रतिक्रिया को परख सकते हैं. जैसे, “आप इस नौकरी को क्यों करना चाहते हैं?” ऐसे सवालों के जवाब में कभी भी नकारात्मकता नहीं दिखानी चाहिए, जैसे “दूसरी कोई नौकरी नहीं मिली” या “बस पैसे कमाने हैं.” बल्कि, सकारात्मक और संतुलित जवाब दें.

यह दिखाएं कि आप समाज के लिए कुछ करना चाहते हैं, जन स्वास्थ्य की सुरक्षा में अपना योगदान देना चाहते हैं और इस क्षेत्र में आपकी गहरी रुचि है. आपकी ईमानदारी और जुनून आपके शब्दों में झलकना चाहिए.

अंत में कुछ बातें

तो दोस्तों, मुझे पूरी उम्मीद है कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी के इंटरव्यू से जुड़ी ये बातें आपके लिए बहुत काम आएंगी. यह सिर्फ़ एक नौकरी नहीं है, बल्कि एक मौका है देश की सेवा करने का, लाखों लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा करने का. मुझे आज भी याद है जब मैं पहली बार ऐसे किसी बड़े मौके के लिए तैयारी कर रहा था, तब कितनी घबराहट होती थी! लेकिन अगर तैयारी सही दिशा में हो और आपका इरादा नेक हो, तो हर बाधा पार की जा सकती है. इस पद पर आकर आप जो सम्मान और संतोष महसूस करते हैं, वह बेमिसाल है. अपनी मेहनत और लगन से आप न केवल अपने सपनों को पूरा करेंगे, बल्कि समाज में एक सकारात्मक बदलाव भी लाएंगे.

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आपके लिए कुछ खास बातें

1. खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 और खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 जैसे प्रमुख कानूनों को सिर्फ़ पढ़ें नहीं, बल्कि उन्हें अपनी आत्मा में उतार लें. यही आपकी नींव हैं.

2. HACCP (हैज़र्ड एनालिसिस एंड क्रिटिकल कंट्रोल पॉइंट्स) जैसे अंतर्राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा प्रणालियों को गहराई से समझें, क्योंकि ये आपको व्यावहारिक चुनौतियों से निपटने में मदद करेंगे.

3. इंटरव्यू में अपने अनुभव-आधारित उदाहरणों को प्रस्तुत करें. दिखाएं कि आपने वास्तविक समस्याओं का सामना कैसे किया और उन्हें कैसे हल किया.

4. जन स्वास्थ्य के प्रति अपनी निष्ठा और समर्पण को स्पष्ट रूप से व्यक्त करें. यह दिखाएं कि आप इस पद को सिर्फ़ एक करियर नहीं, बल्कि एक सेवा के रूप में देखते हैं.

5. हमेशा अपडेटेड रहें. नए खाद्य सुरक्षा नियमों, प्रौद्योगिकियों और उभरते रुझानों के बारे में जानकारी रखना आपको इस क्षेत्र में बेहतर बनाएगा.

याद रखने योग्य मुख्य बातें

इस पूरे लेख में, हमने खाद्य स्वच्छता अधिकारी के इंटरव्यू और उसकी जिम्मेदारियों के हर पहलू को समझने की कोशिश की है. मेरी व्यक्तिगत राय में, यह पद केवल तकनीकी ज्ञान की नहीं, बल्कि आपकी नैतिकता, ईमानदारी और जन सेवा की भावना का भी परीक्षण करता है. भारतीय खाद्य सुरक्षा कानूनों, जैसे कि “खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006” और “राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013” की गहरी समझ रखना नितांत आवश्यक है, क्योंकि ये कानून ही आपके हर कार्य का आधार हैं. सिर्फ़ कानूनों को जानना ही पर्याप्त नहीं है, आपको खाद्य स्वच्छता के मूलभूत सिद्धांतों और HACCP जैसी वैज्ञानिक प्रणालियों का व्यावहारिक ज्ञान भी होना चाहिए.

मैंने अपने करियर में देखा है कि इंटरव्यू में आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखना और वास्तविक दुनिया की समस्याओं के लिए तैयार रहना कितना महत्वपूर्ण होता है. आप कैसे किसी मुश्किल स्थिति को संभालते हैं, कैसे नियमों का पालन करते हुए भी मानवीय दृष्टिकोण बनाए रखते हैं, और कैसे अपनी बात प्रभावी ढंग से रखते हैं—ये सभी गुण सफलता की कुंजी हैं. यह एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ आपकी निष्ठा और समर्पण सीधे तौर पर लाखों लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है. इसलिए, ईमानदारी, निरंतर सीखने की इच्छा और जन कल्याण की भावना के साथ इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए खुद को पूरी तरह से तैयार करें. यह एक ऐसा सफर है जहाँ हर दिन आपको कुछ नया सीखने और समाज के लिए कुछ बेहतर करने का मौका मिलेगा. अपनी तैयारी में कोई कसर न छोड़ें, क्योंकि यह सिर्फ़ एक नौकरी नहीं, एक सम्मानजनक सेवा है.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) 📖

प्र: खाद्य स्वच्छता अधिकारी के इंटरव्यू में आमतौर पर किस तरह के प्रश्न पूछे जाते हैं?

उ: देखिए, यह इंटरव्यू सिर्फ़ आपकी किताबी जानकारी नहीं, बल्कि आपकी व्यावहारिक समझ और समस्या-समाधान की क्षमता को परखता है। मैंने देखा है कि इंटरव्यू में अक्सर तीन मुख्य क्षेत्रों से सवाल आते हैं। पहला तो है आपके शैक्षणिक बैकग्राउंड और खाद्य विज्ञान से जुड़े तकनीकी ज्ञान पर। इसमें आपसे खाद्य संरक्षण के तरीके (जैसे पेस्टराइजेशन, स्टेरलाइजेशन), खाद्य पदार्थों में मिलावट के प्रकार, विभिन्न खाद्य जनित बीमारियों के कारण और बचाव, और HACCP जैसे गुणवत्ता नियंत्रण प्रणालियों के बारे में पूछा जा सकता है। मुझे याद है एक इंटरव्यू में मुझसे सीधे पूछ लिया गया था कि ‘खाद्य पदार्थों में सूक्ष्मजीवों के विकास को कैसे रोका जा सकता है?’ दूसरा महत्वपूर्ण क्षेत्र है खाद्य सुरक्षा कानून और नियम। आपको FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) अधिनियम 2006, इसके विभिन्न नियम और विनियमों, लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं और एक अधिकारी के रूप में आपकी कानूनी शक्तियों के बारे में अच्छी जानकारी होनी चाहिए। कई बार वे किसी काल्पनिक स्थिति पर आधारित सवाल पूछते हैं, जैसे “अगर आपको किसी रेस्टोरेंट में गंभीर स्वच्छता उल्लंघन मिलता है, तो आप क्या कार्रवाई करेंगे?” तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है आपके व्यक्तित्व और व्यावहारिक कौशल से जुड़े सवाल। इसमें आपकी संचार क्षमता, समस्या सुलझाने का तरीका, टीम वर्क, दबाव में काम करने की क्षमता, और ईमानदारी जैसी बातें देखी जाती हैं। मुझसे एक बार पूछा गया था कि “आप इस पद पर क्यों आना चाहते हैं और समाज के लिए क्या योगदान दे सकते हैं?” यह सवाल आपके जुनून और ईमानदारी को जानने के लिए होता है। वे आपकी हॉबीज़ के बारे में भी पूछ सकते हैं, इसलिए अपनी हॉबीज़ के बारे में अच्छे से रिसर्च करके जाएं।

प्र: एक खाद्य स्वच्छता अधिकारी में साक्षात्कारकर्ता कौन से सबसे महत्वपूर्ण गुण या कौशल देखते हैं?

उ: मेरे अनुभव से, साक्षात्कारकर्ता सिर्फ़ ज्ञान नहीं, बल्कि एक संपूर्ण व्यक्तित्व की तलाश में रहते हैं। सबसे पहले, वे आपकी ‘तकनीकी विशेषज्ञता’ देखते हैं – यानी खाद्य विज्ञान, माइक्रोबायोलॉजी, रसायन विज्ञान और खाद्य प्रौद्योगिकी की आपकी गहरी समझ। उन्हें यह जानना होता है कि आप खाद्य सुरक्षा के वैज्ञानिक सिद्धांतों को कितना समझते हैं। दूसरा, ‘कानूनी और नियामक समझ’ बहुत ज़रूरी है। आपको FSSAI के कानूनों और दिशानिर्देशों का पूरा ज्ञान होना चाहिए, क्योंकि आपका काम इन्हीं नियमों को लागू करना है। तीसरा, ‘निरीक्षण और विश्लेषण कौशल’ बहुत अहम हैं। एक अधिकारी के तौर पर आपको संदिग्ध खाद्य उत्पादों की पहचान करनी होगी, नमूनों का सही ढंग से संग्रह करना होगा और प्रयोगशाला रिपोर्टों का विश्लेषण करना होगा। चौथा, ‘संचार और पारस्परिक कौशल’ क्योंकि आपको खाद्य व्यवसाय संचालकों, जनता और अन्य सरकारी विभागों के साथ प्रभावी ढंग से बातचीत करनी होगी। अगर आप अपनी बात ठीक से नहीं रख पाते, तो काम मुश्किल हो सकता है। आख़िर में, ‘ईमानदारी और नैतिक मूल्य’। यह पद सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा है, इसलिए एक अधिकारी का बेदाग़ चरित्र और उच्च नैतिक मूल्य होना अनिवार्य है। मुझे याद है एक विशेषज्ञ ने मुझसे कहा था, “एक खाद्य अधिकारी की सबसे बड़ी पूंजी उसकी ईमानदारी है।” ये गुण ही आपको इस चुनौतीपूर्ण भूमिका में सफल बनाते हैं।

प्र: खाद्य स्वच्छता अधिकारी के साक्षात्कार के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी कैसे करें ताकि अलग दिख सकें?

उ: अगर आप इस इंटरव्यू में वाकई में अलग दिखना चाहते हैं, तो कुछ ख़ास बातों पर ध्यान देना होगा। सबसे पहले, ‘अपने ज्ञान को मज़बूत करें’। खाद्य विज्ञान, सूक्ष्मजीव विज्ञान, खाद्य प्रसंस्करण, खाद्य योजक, और खाद्य सुरक्षा कानूनों (FSSAI) पर अपनी पकड़ मजबूत करें। केवल रटने के बजाय, अवधारणाओं को गहराई से समझें। दूसरा, ‘व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करें’। अगर संभव हो तो किसी खाद्य प्रसंस्करण इकाई या प्रयोगशाला में इंटर्नशिप करें। इससे आपको ज़मीनी हकीकत का पता चलेगा। मुझे आज भी याद है जब मैंने एक बेकरी में निरीक्षण प्रक्रिया को करीब से देखा था, तो मेरी समझ कितनी बढ़ गई थी। तीसरा, ‘FSSAI की वेबसाइट को अपना गुरु बनाएं’। वहाँ सभी लेटेस्ट अपडेट्स, गाइडलाइन्स और सर्कुलर मिलते हैं, जो आपको इंटरव्यू में करंट अफेयर्स से जुड़े सवालों के लिए तैयार करेंगे। चौथा, ‘मॉक इंटरव्यू की प्रैक्टिस करें’। अपने दोस्तों या सीनियर्स के साथ मिलकर मॉक इंटरव्यू दें। इससे आपको अपनी कमजोरियों का पता चलेगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा। अपनी बॉडी लैंग्वेज और बोलने के तरीके पर काम करें। पांचवां, ‘करंट अफेयर्स से अपडेटेड रहें’। खाद्य सुरक्षा से जुड़ी हाल की खबरें, नए नियम या कोई बड़ा खाद्य घोटाला, इन सब पर आपकी राय होनी चाहिए। आखिर में, ‘अपनी ईमानदारी और जुनून दिखाएं’। इंटरव्यू में अपनी सच्ची प्रेरणा और इस पद के प्रति अपने समर्पण को व्यक्त करें। उन्हें लगना चाहिए कि आप सिर्फ़ नौकरी नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी निभाना चाहते हैं। अपनी हॉबीज़ और एक्स्ट्रा-करिकुलर एक्टिविटीज के बारे में भी अच्छे से बताएं, क्योंकि यह आपकी पर्सनालिटी को दर्शाता है।

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